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अंतरिक्ष और दूरसंचार में विचारों को अवधारण से वास्तविकता में ले जाने अवसर है।

यह पारितंत्र जीवंत है, फंड्स उपलब्ध हैं और सरकार भारत केंद्रित ऐसे सॉल्यूशंस को सहयोग देने को तैयार है जो कनेक्टिविटी में परिवर्तन और टिकाऊ उन्नयन लाए।”

प्रख्यात जूरी में इन-स्पेस के प्रमोशन डायरेक्टरेट निदेशक डाक्टर विनोद कुमार, संचार मंत्रालय के ज्वाइंट वायरलेस एडवाइजर रेवती मन्नेपल्ली, इंडियन स्पेस एसोसिएशन (इस्पा) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल एके भट्ट (सेवानिवृत्त), विदेश मंत्रालय में ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी कर्नल अश्विनी भारद्वाज, स्काईरूट एयरोस्पेस के सह संस्थापक और सीईओ पवन चंदाना, दूरसंचार विभाग के उप महानिदेशक (एसएमसी) प्रभात दीक्षित, वायासैट के निदेशक (इंजीनियरिंग) रमेश सुंदरराजन और इन-स्पेस में प्रोग्राम मैनेजमेंट एवं प्रमाणीकरण निदेशालय की उप निदेशक सोनाली नंदाशामिल रहीं।

शीर्ष तीन के बाहर फाइनल में पहुंचे अन्य पांच लोगों में सस्त्र से अबिरामी वन्नीयाराजन, थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी से प्रियम गांगुली, कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी से आदित्य कुमार, एमिटी युनिवर्सिटी से जगदीश नाहक और कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी से आर्यन शिरके शामिल रहे जिन्हें करियर ट्रैक्स को लेकर विशेषज्ञता उपलब्ध कराने और इन विद्यार्थियों को स्टेम में करियर के बारे में समझने में मदद करने के लिए अगले छह महीने तीन अतिरिक्त वायासैट मेंटर सेशन (ऑनलाइन) में प्रतिभाग करने का निमंत्रण मिलेगा।

इस आयोजन में संचार मंत्रालय के डीडीजी (एसई) श्री अनिल भारद्वाज ने “नया अंतरिक्ष युगः भारत के अंतरिक्ष पुनर्जागरण पर आपका दृष्टिकोण”विषय पर एक संबोधन दिया।

इसके बाद, “विद्यार्थी से अंतरिक्ष उद्यमी तकः भारत के स्पेस युनिकॉर्न्स का निर्माण” विषय पर एक परिचर्चा का आयोजन किया गया जिसके सूत्रधार प्रख्यात मीडिया हस्ती श्री पंकज डोवाल रहे और पैनल में स्काईरूट एयरोस्पेस लिमिटेड के सह संस्थापक एवं सीईओ श्री पवन चंदाना, इंडियन स्पेस एसोसिएशन के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल एके भट्ट (सेवानिवृत्त), ईवाई के पार्टनर श्री पंकज शर्मा, इन-स्पेस के निदेशक डाक्टर विनोद कुमार और वायासैट के चीफ पीपुल ऑफिसर रेबेका ग्रैटन शामिल थे।

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