सुनते हैं कि....

एनजीओ संचालिका का IAS डॉटर कनेक्शन-करोड़ों की फंडिंग  

राजधानी में खुद को समाजसेवी बताने वाली एक महिला...

‘मेरे पापा पावरफुल’

राजधानी भोपाल में बन रहे अत्याधुनिक बीजेपी दफ्तर को...

हिंदुत्व का असली रक्षक कौन?

2024 के आम चुनावों में बीजेपी अपने ट्रंप कार्ड...

PoK अपने आप भारत में आएगा’, मोरक्को की धरती से राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को दिया कड़ा संदेश

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 21 सितंबर को मोरक्को के रबात में भारतीय समुदाय के साथ बातचीत की है। इस दौरान उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर से लेकर अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप, डिजिटल क्रांति और रक्षा के क्षेत्र आदि के बारे में कई अहम बातें कही हैं।भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दो दिनों के लिए मोरक्को की यात्रा पर हैं। किसी भारतीय रक्षा मंत्री की ये पहली मोरक्को यात्रा है। राजनाथ सिंह मोरक्को में टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स की विनिर्माण इकाई का उद्घाटन करने पहुंचे हैं। रक्षा मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, यह इकाई अफ्रीका में पहला भारतीय रक्षा विनिर्माण संयंत्र है। वह यहां पर अपने समकक्ष अब्देलतीफ लौदियी के साथ द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे। राजनाथ सिंह ने मोरक्को की राजधानी रबात में भारतीय समुदाय के लोगों को भी संबोधित किया।हमें नहीं भूलना चाहिए कि हम भारतीय हैं- राजनाथ सिंह
मोरक्को में भारतीय समुदाय के साथ बातचीत में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- “भारत के प्रति हमारी भक्ति, स्नेह और प्रेम स्वाभाविक है। हम दुनिया में कहीं भी हों, हमें यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि हम भारतीय हैं। भारतीय होने के नाते, हमारी जिम्मेदारियां दूसरों से अलग हैं। अगर हम मोरक्को में आजीविका कमा रहे हैं और अपने परिवार की देखभाल कर रहे हैं, तो मोरक्को के साथ कोई विश्वासघात नहीं होना चाहिए-यह भारत का चरित्र है।”

पीओके अपने आप भारत का होगा- राजनाथ सिंह
मोरक्को में भारतीय समुदाय के साथ बातचीत में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- “पीओके अपने आप हमारा होगा। पीओके में मांगें उठने लगी हैं, आपने नारे सुने होंगे। मैं 5 साल पहले कश्मीर घाटी में एक कार्यक्रम में भारतीय सेना को संबोधित कर रहा था, तब मैंने कहा था कि हमें पीओके पर हमला करके कब्जा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, वह वैसे भी हमारा है; पीओके खुद कहेगा, ‘मैं भी भारत हूं’। वह दिन आएगा।”

मोरक्को में भारतीय समुदाय के साथ बातचीत में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- “‘जिन्ह मोहि मारा, तिन्ह मोहि मारे’…इस बार भी यही हुआ। हमने उन्हीं लोगों को मारा जिन्होंने हमारे लोगों को मारा। हमने किसी नागरिक या सैन्य प्रतिष्ठान पर हमला नहीं किया। केवल भारत ही ऐसा चरित्र रख सकता है। अगर हम चाहते तो किसी भी सैन्य या नागरिक प्रतिष्ठान पर हमला कर सकते थे, लेकिन हमने ऐसा नहीं किया। हमें भारत के इस चरित्र को कायम रखना चाहिए।” राजनाथ सिंह ने कहा- “आतंकवादी यहां आए और हमारे नागरिकों का धर्म पूछकर उन्हें मार डाला। हमने किसी का धर्म देख नहीं, उनका कर्म देख कर मारा है।”

भारतीय समुदाय के साथ बातचीत में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- “दूसरा भाग बाकी है या तीसरा, हम नहीं कह सकते। यह उनके (पाकिस्तान के) आचरण पर निर्भर करता है। अगर वे आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त होते हैं, तो उन्हें जवाब मिलेगा। पहलगाम में हमारे 26 लोगों को उनका धर्म पूछकर मार डाला गया। अगले दिन, 23 अप्रैल को, सीडीएस, तीनों सेना प्रमुखों और रक्षा सचिव के साथ बैठक में मैंने पहला सवाल यही पूछा कि अगर सरकार कोई ऑपरेशन करने का फैसला करती है, तो क्या वे इसके लिए तैयार हैं। आपको यह जानकर खुशी होगी कि उन्होंने बिना एक सेकंड भी देर किए जवाब दिया कि वे पूरी तरह तैयार हैं। फिर हमने प्रधानमंत्री मोदी से संपर्क किया, उन्होंने हमें आगे बढ़ने को कहा और पूरी छूट दे दी।

राजनाथ सिंह ने कहा- “आपने देखा कि उसके बाद क्या हुआ। सीमा पर नहीं, हमने उनकी जमीन से 100 किलोमीटर अंदर जाकर आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया। जैश-ए-मोहम्मद का एक शीर्ष आतंकवादी कह रहा था कि मसूद अजहर के परिवार को भारत ने तोड़ दिया। पाकिस्तान ने युद्धविराम का आग्रह किया, और हम मान गए। हम अच्छे संबंध चाहते हैं क्योंकि अटल बिहारी वाजपेयी पहले कहा करते थे कि दोस्त बदले जा सकते हैं, पड़ोसी नहीं। हम उन्हें सही रास्ते पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने भी कहा है कि यह बस एक विराम है। ऑपरेशन सिंदूर बस रुका है। इसे फिर से शुरू किया जा सकता है।”

दुनिया भारत की बात पर ध्यान देती है- राजनाथ
राजनाथ सिंह ने कहा- “मुझे यह जानकर खुशी हो रही है कि आप अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के समक्ष भारत के बढ़ते कद को महसूस कर सकते हैं। पहले, जब भारत किसी अंतर्राष्ट्रीय मंच पर बोलता था, तो उसे उतनी गंभीरता से नहीं लिया जाता था जितनी गंभीरता से लिया जाना चाहिए था। आज, जब भारत किसी अंतर्राष्ट्रीय मंच पर बोलता है, तो पूरी दुनिया उस पर ध्यान देती है और उसे सुनती है। पहले ऐसी स्थिति नहीं थी। तमाम भू-राजनीतिक और वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, भारत सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है।”

भारत में 1.60 लाख स्टार्टअप
राजनाथ सिंह ने कहा- “हमने नारी शक्ति वंदन अधिनियम शुरू किया है। यदि आप मोरक्को से भारत लौटकर चुनाव लड़ना चाहती हैं, तो आपको लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा में 33% आरक्षण मिलेगा। संसद में सीटों की संख्या बढ़ा दी गई है। भारत स्टार्टअप और नवाचारों का एक वैश्विक केंद्र बन रहा है। 2014 में भारत में 500 स्टार्टअप थे और अब यह बढ़कर 1.60 लाख हो गए हैं। 2014 में 18 से बढ़कर आज भारत में यूनिकॉर्न की संख्या 118 हो गई है।”

संबंधित समाचार

अंगुल रथ यात्रा उत्सव में शामिल हुए नवीन जिन्दल; जिंदल फाउंडेशन ने पुरी में 12वें वार्षिक ‘अन्न सेवा’ कार्यक्रम की शुरुआत की

दस से अधिक वर्षों से, फाउंडेशन की यह रथ यात्रा सेवा सहानुभूति और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक रही है। यह कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि जब पवित्र यात्रा के लिए पुरी में लाखों लोग एकत्रित हों, तो कोई भी श्रद्धालु भूखा न रहे।

नवीन जिन्दल समूह ने 18 गीगावाट की परमाणु परियोजनाओं के लिए 9 से अधिक राज्यों में संभावनाएं तलाशना शुरू किया

स्टील, खनन, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा और रियल एस्टेट क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के बाद नवीन जिन्दल समूह अब परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में कदम रख रहा है। इसके लिए 'जिन्दल रिन्यूएबल्स' की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'जिन्दल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड' का गठन किया गया है।

इटानगर में लोगों की बात सुनकर बोले केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह– हर पीड़ित परिवार तक मदद पहुंचाकर ही चैन लेंगे

पूर्वोत्तर के दौरे में केंद्रीय मंत्री श्री किरन रिजिजू और मुख्यमंत्री भी साथ, अरुणाचल में अधिकारियों की बैठक भी लेंगे शिवराज सिंह चौहान*इटानगर/गुवाहाटी/नई दिल्ली,...

ताज़ा समाचार

अंगुल रथ यात्रा उत्सव में शामिल हुए नवीन जिन्दल; जिंदल फाउंडेशन ने पुरी में 12वें वार्षिक ‘अन्न सेवा’ कार्यक्रम की शुरुआत की

दस से अधिक वर्षों से, फाउंडेशन की यह रथ यात्रा सेवा सहानुभूति और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक रही है। यह कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि जब पवित्र यात्रा के लिए पुरी में लाखों लोग एकत्रित हों, तो कोई भी श्रद्धालु भूखा न रहे।

नवीन जिन्दल समूह ने 18 गीगावाट की परमाणु परियोजनाओं के लिए 9 से अधिक राज्यों में संभावनाएं तलाशना शुरू किया

स्टील, खनन, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा और रियल एस्टेट क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के बाद नवीन जिन्दल समूह अब परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में कदम रख रहा है। इसके लिए 'जिन्दल रिन्यूएबल्स' की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'जिन्दल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड' का गठन किया गया है।

Jyotiraditya M. Scindia Reviews Flood Situation Across Northeast, Assures Full Central Support

*Ministry of Development of North Eastern Region Closely...

सोशल मीडिया पर जुड़ें

560FansLike
245FollowersFollow
285FollowersFollow
320SubscribersSubscribe

विज्ञापन

spot_img