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PM मोदी का बचपन: जब मगरमच्छ के बच्चे को ले आए थे घर, डूबते बच्चे की भी बचाई जान, रोचक हैं ये किस्से

पीएम मोदी के जन्मदिन के मौके पर आज देश में उत्साह का माहौल है। पीएम मोदी का पूरा जीवन किस्सों से भरा रहा है। ऐसे में हम यहां उनके बचपन के किस्सों के बारे में बता रहे हैंनई दिल्ली: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज 75वां जन्मदिन है। उनका जन्म गुजरात के मेहसाणा जिले के एक छोटे से कस्बे वडनगर में 17 सितंबर 1950 को हुआ था। वह एक साधारण परिवार से आते हैं। पीएम मोदी की जीवन यात्रा देशवासियों के लिए एक प्रेरणा है। उनके बचपन के भी कई किस्से रोचक रहे हैं, जिनके बारे में यहां बताया जा रहा है।’रेलवे स्टेशन पर बेची चाय
पीएम मोदी का परिवार बेहद साधारण पृष्ठभूमि का था। ऐसे में नरेंद्र मोदी बचपन में अपने पिता दामोदरदास की रेलवे स्टेशन पर चाय की दुकान पर मदद करते थे। उनका ये संघर्ष ही उनकी पहचान बन गया और जब 26 मई 2014 की शाम को उन्होंने पहली बार भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली तो ये बात सुर्खियों में रही कि एक चायवाले ने देशसेवा के प्रति अपनी लगन और निष्ठा से इतना बड़ा पद प्राप्त किया। ये जानकारी आधिकारिक वेबसाइट pmindia.gov.in के Personal Life Story सेक्शन में भी दर्ज है।

मगरमच्छ के बच्चे को ले आए थे घर
पीएम मोदी के बारे में एक रोचक किस्सा ये भी है कि अपने बचपन में वह तालाब पर नहाने गए थे। यहां उन्होंने एक मगरमच्छ का बच्चा पकड़ लिया और उसे घर ले आए। जब मां हीराबेन ने उन्हें समझाया कि बच्चे को मां से अलग नहीं करना चाहिए तो नरेंद्र मोदी उस बच्चे को वापस छोड़कर आए। नेशनल जियोग्राफिक के शो Man vs Wild में बेयर ग्रिल्स के साथ साक्षात्कार (2019) में पीएम मोदी ने खुद ये वाकया साझा किया है।

डूबते बच्चे की जान बचाई
पीएम मोदी के बचपन का एक किस्सा ये भी है कि उन्होंने तालाब में डूबते हुए एक बच्चे की जान बचाई थी। इस दौरान सभी ने उनकी बहादुरी को सराहा था। इस किस्से का जिक्र Bal Narendra – Childhood Stories of Narendra Modi में मिलता है। ये एक कॉमिक बुक है।

भोजन स्टॉल चलाया
पीएम मोदी का सेवा के प्रति समर्पण बचपन से ही था। जब वह 9 साल के थे, तब भी वह सेवा कार्यों में बढ़ चढ़कर भाग लेते थे। जब तापी नदी में बाढ़ आई थी तो 9 साल के नरेंद्र मोदी और उनके दोस्तों ने भोजन स्टॉल लगाया था। इस दौरान जो कमाई हुई, उसे बाढ़ प्रभावितों को दान कर दिया गया था। इस किस्से का जिक्र पीएम मोदी को सपर्मित वेबसाइट NarendraModi.in की Humble Beginnings: The Early Years सेक्शन में किया गया है।

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