नई दिल्ली, अगस्त, 2025- ब्रिक्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (ब्रिक्स सीसीआई) द्वारा 4 से 12 अगस्त, 2025 द्वारा आयोजित ब्रिक्स सीसीआई यूथ लीडरशिप डायलॉग 2.0 में युवाओं द्वारा पेश समाधान केंद्र में रहे। ब्रिक्स सीसीआई के वाइस चेयरमैन, ब्रिक्स सीसीआई यूथ लीडर्स वर्टिकल के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री के पोते श्री समीप शास्त्री के संरक्षण में आयोजित इस सात दिवसीय कार्यक्रम में देश के विकास की प्राथमिकताओं को देखते हुए भारत के युवाओं के विचारों, ऊर्जा और कौशल का उपयोग करने का आह्वान किया गया था। इस शिखर सम्मेलन के दौरान राजनीति, कूटनीति, राजकाज, उद्यमशीलता और कारोबार जगत से नेताओं के अनुभवों का लाभ उठाते हुए प्रतिभागियों ने अपनी भावी वैश्विक नेतृत्व भूमिकाओं के लिए अंतर्दृष्टि प्राप्त की।
अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस समारोहों के अनुरूप, ब्रिक्स सीसीआई यंग लीडरशिप डायलॉग 2.0 ने अपने उद्घाटन संस्करण की सफलता के बल पर राष्ट्रीय वृद्धि एवं वैश्विक नेतृत्व को गति देने के लिए युवा भारतीयों को सशक्त करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। भारत के अगले दो दशकों में विश्व की सबसे बड़ी कामकाजी आबादी वाला देश बनने की तैयारी के साथ इस डायलॉग ने नीति निर्धारण, राजकाज और सामाजिक परिवर्तन में युवा नेताओं को सक्रिय रूप से शामिल करने की जरूरत पर बल दिया। इस सम्मेलन में देशभर से युवा प्रतिभागियों के चुनिंदा समूह को साथ लाकर उन्हें कौशल, अंतर्दृष्टि और नेटवर्क उपलब्ध कराया गया जिससे वे प्रभाव के साथ नेतृत्व कर सकें।
श्री शास्त्री ने इस आयोजन के परिवर्तनकारी उद्देश्य को रेखांकित करते हुए कहा, “युवा नेताओं को सशक्त करने का अर्थ महज उन्हें ज्ञान देना नहीं है, बल्कि वैश्विक आख्यान को आकार देने के लिए उनमें विश्वास पैदा करना और नेटवर्क प्रदान करना है।” इस सम्मेलन में ब्रिक्स सीसीआई के चेयरमैन श्री हरवंश चावला, को-चेयरमैन और महानिदेशक डाक्टर बीबीएल मधुकर, वाइस चेयरमैन श्री अशोक कुमार सिंह और ब्रिक्स सीसीआई के कोषाध्यक्ष श्री रुहैल रंजन सहित ब्रिक्स सीसीआई की कोर कमेटी की ओर से प्रतिभाग किया गया।
इन सात दिनों के दौरान, प्रतिभागियों ने प्रमुख वक्ताओं और प्रभावशाली लोगों से संवाद किया जिनमें प्रमुख रूप से लेफ्टिनेंट जनरल डीवी कालरा (सेवानिवृत्त), एयर वाइस मार्शल राजीव शर्मा (सेवानिवृत्त) और रीयर एडमिरल एएस सेठी (सेवानिवृत्त) शामिल थे जिन्होंने नेतृत्व, अनुशासन और प्रौद्योगिकी से जुड़ी चुनौतियों पर अंतर्दृष्टि साझा की। वहीं राजनयिक खंड में रूसी दूतावास के तीसरे सचिव श्री मिखाइल अंत्सीफेरोव, ब्राजील दूतावास की दूसरी सचिव (राजनीतिक अनुभाग) सुश्री लेतिसिया मारंघेलो, दक्षिण अफ्रीकी उच्चायोग के प्रथम सचिव (राजनीति) श्री पीटर महाफ्हा, अर्जेंटीना में भारत के पूर्व उच्चायुक्त अमरेंद्र खटुआ, चीनी दूतावास के प्रथम सचिव श्री झांग येफेई के साथ ही वरिष्ठ नौकरशाह आईपीएस परवेज हयात, आईपीएस शशांक जायसवाल और आईआरएस सुखद चतुर्वेदी शामिल रहे। उद्यमशीलता एवं कॉरपोरेट नेतृत्व सत्रों में पेसियो के सह संस्थापक श्री बिबिन बाबू, श्री बैद्यनाथ आयुर्वेद भवन प्राइवेट लिमिटेड के अध्यक्ष और ब्रिक्स सीसीआई गर्वनिंग बॉडी के सदस्य श्री प्राण शर्मा, हेयरओरिजिनल्स के सीईओ श्री जितेंद्र शर्मा, वेबर शैंडविक के एचआर प्रमुख (भारत) श्री विकास दुआ, ग्रांट थॉर्नटन भारत एलएलपी के चीफ लर्निंग ऑफिसर श्री अंकित झांब और लेबल-एजी के संस्थापक श्री अनुज गौतम शामिल रहे।
आयोजन के समापन सत्र को हरियाणा के खाद्य, नगर आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री राजेश नागर, भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से विशेष रूप से आमंत्रित और पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री डाक्टर राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी, राजस्थान के राज्य चुनाव आयोग के आयुक्त डाक्टर मधुकर गुप्ता, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के पूर्व सदस्य डाक्टर ध्यानेश्वर मनोहर मुले, पूर्व केंद्रीय पर्यटन मंत्री और पूर्व विधायक श्री केजे अलफोंस, आईएएस (सेवानिवृत्त), एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ, सेंट्रल एयर कमांड, एयर मार्शल रवि कपूर (सेवानिवृत्त), मारवाड़ी कैटलिस्ट के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक श्री सुशील शर्मा, मीडियाटेक इंडिया के प्रबंध निदेशक श्री अंकु जैन और ब्रिक्स सीसीआई यंग लीडर्स के सह संयोजक श्री निशांत समा ने संबोधित किया। साथ ही चीनी दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन श्री हे मेंग ने भी इस सत्र को संबोधित किया। इस डायलॉग में बोलिविया, रूस, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, मिस्र और ईरान सहित अन्य देशों से राजनयिक प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की।
सभी प्रतिभागियों को उनकी सक्रिय भागीदारी और वैश्विक नेतृत्व को लेकर प्रतिबद्धता के लिए वैश्विक स्तर पर मान्य मेरिट सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया। राजनीति, कूटनीति, राजकाज, उद्यमशीलता और कॉरपोरेट जगत की प्रमुख हस्तियों से संवाद कर इन प्रतिभागियों ने वैश्विक नेतृत्व में अपनी भावी भूमिका को आकार देने के लिए बहुमूल्य ज्ञान और दृष्टिकोण प्राप्त किए। इस सम्मेलन ने भविष्य के नेताओं का एक गतिशील और विविध समूह तैयार किया जो भारत और पूरी दुनिया में सकारात्मक बदलाव लाने को तैयार हैं।