सुनते हैं कि....

एनजीओ संचालिका का IAS डॉटर कनेक्शन-करोड़ों की फंडिंग  

राजधानी में खुद को समाजसेवी बताने वाली एक महिला...

‘मेरे पापा पावरफुल’

राजधानी भोपाल में बन रहे अत्याधुनिक बीजेपी दफ्तर को...

हिंदुत्व का असली रक्षक कौन?

2024 के आम चुनावों में बीजेपी अपने ट्रंप कार्ड...

राजनाथ सिंह ने क़िंगदाओ, चीन में SCO रक्षा मंत्रियों की बैठक में लिया हिस्सा

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन के पूर्वी तट पर स्थित क़िंगदाओ (Qingdao) शहर में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की रक्षा मंत्रियों की वार्षिक बैठक में भाग लिया। यह बैठक 2025 के लिए SCO के कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थी, जिसमें सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों ने क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद, और रक्षा सहयोग पर विचार-विमर्श किया।

भारत का रुख: शांति, सम्मान और सहयोग

राजनाथ सिंह ने बैठक को संबोधित करते हुए “शांति, स्थिरता और सभी सदस्य देशों की संप्रभुता के सम्मान” की वकालत की। उन्होंने कहा कि किसी भी देश को अपनी सैन्य ताकत या प्रभाव का उपयोग करके अन्य देशों के क्षेत्रीय अखंडता पर प्रभाव डालने का प्रयास नहीं करना चाहिए

उन्होंने जोर दिया कि भारत SCO के तहत आतंकवाद से मिलकर लड़ने, क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने, और साझा रक्षा अभ्यासों में सक्रिय भागीदारी का समर्थन करता है। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत “एकजुटता के सिद्धांत” पर विश्वास करता है और सभी सदस्य देशों के साथ विश्वास व पारदर्शिता के साथ काम करने को तैयार है।

चीन के साथ संबंधों की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि भारत और चीन के बीच LAC (Line of Actual Control) को लेकर तनाव बना हुआ है। ऐसे में रक्षा मंत्री का चीन दौरा और वहां आयोजित बहुपक्षीय बैठक में भाग लेना रणनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच पिछले वर्षों में कई बार सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर बातचीत हो चुकी है, लेकिन विवाद अभी पूरी तरह सुलझा नहीं है।

राजनाथ सिंह ने बैठक के दौरान सीमा विवाद या द्विपक्षीय मसलों पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की, लेकिन भारत का रुख स्पष्ट कर दिया कि क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता सबसे अहम हैं।

अन्य देशों की भागीदारी और एजेंडा

बैठक में SCO के अन्य सदस्य देशों — रूस, चीन, पाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, कजाकिस्तान और ईरान — के रक्षा मंत्रियों ने भी भाग लिया।
अहम मुद्दों में शामिल थे:

  • आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त रणनीति

  • रक्षा प्रशिक्षण और संयुक्त अभ्यास

  • साइबर सुरक्षा और सैन्य तकनीकी सहयोग

  • स्थायी शांति के लिए बहुपक्षीय सहयोग

भारत का SCO में महत्व

भारत 2017 में SCO का पूर्ण सदस्य बना था और तब से वह संगठन के तहत सामूहिक सुरक्षा, आंतरिक स्थिरता और क्षेत्रीय विकास में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। भारत की विदेश नीति में SCO को “ईस्टर्न कनेक्ट” का एक अहम प्लेटफॉर्म माना जाता है।

संबंधित समाचार

T20 WC के सेमीफाइनल मैचों को लेकर ICC का बड़ा ऐलान, बताया कौन होंगे अंपायर और मैच रेफरी

T20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल मुकाबले 4 और मार्च को खेले जाएंगे। इन मुकाबलों को लेकर ICC ने बड़ा ऐलान कर दिया है।T20...

विश्व का एकमात्र मंदिर जहां नहीं माना जाता ग्रहण, 24 घंटे और सातों दिन खुला रहता है दरबार

मंगलवार को होने वाले चंद्रगहण को देखते हुए देशभर में मंदिरों में पूजा-पाठ नहीं होंगे। हालांकि, विश्व का एक मंदिर ऐसा भी है जहां...

PM मोदी ने YouTube पर हासिल किया बड़ा मुकाम, सब्सक्राइबर्स की संख्या सुनकर हो जाएंगे हैरान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूट्यूब चैनल पर 30 मिलियन सब्सक्राइबर पूरे हो गए हैं। बता दें कि वे यूट्यूब पर विश्व स्तर पर सबसे...

ताज़ा समाचार

सोशल मीडिया पर जुड़ें

560FansLike
245FollowersFollow
285FollowersFollow
320SubscribersSubscribe

विज्ञापन

spot_img