तेहरान/येरुशलम – पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। शुक्रवार देर रात इजरायल ने ईरान पर ताबड़तोड़ मिसाइल हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने भी दर्जनभर से अधिक मिसाइलें इजरायल की ओर दागीं। इस सैन्य झड़प के बाद क्षेत्र में भय और अनिश्चितता का माहौल बन गया है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इजरायली वायुसेना ने पहले हमला किया, जिसका निशाना तेहरान के आसपास के सैन्य ठिकाने और रणनीतिक बुनियादी ढांचे थे। इसके कुछ घंटों बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल की सीमाओं के पास कई मिसाइलें छोड़ीं।
हालांकि दोनों देशों की ओर से आधिकारिक हताहतों की संख्या की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कुछ रिपोर्टों के अनुसार कई नागरिक घायल हुए हैं और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।
इस ताजा टकराव ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने संयम बरतने की अपील की है
क्या है इस टकराव की वजह?
विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया तनाव की जड़ें सीरिया और लेबनान में ईरान समर्थित गुटों की गतिविधियों में छुपी हैं, जिन्हें इजरायल लगातार राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानता रहा है। दोनों देशों के बीच वर्षों से चल रहे छाया युद्ध (shadow war) ने अब खुला रूप लेना शुरू कर दिया है।




