सुनते हैं कि....

एनजीओ संचालिका का IAS डॉटर कनेक्शन-करोड़ों की फंडिंग  

राजधानी में खुद को समाजसेवी बताने वाली एक महिला...

‘मेरे पापा पावरफुल’

राजधानी भोपाल में बन रहे अत्याधुनिक बीजेपी दफ्तर को...

हिंदुत्व का असली रक्षक कौन?

2024 के आम चुनावों में बीजेपी अपने ट्रंप कार्ड...

इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन ने नई कार्यकारी परिषद की घोषणा की,

श्री रुचिर दीक्षित को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अध्यक्ष नियुक्त किया गया

बेंगलुरु, 28 अप्रैल 2025: भारत में ईएसडीएम क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाली प्रमुख औद्योगिक संस्था इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन (आईईएसए) ने नई कार्यकारी परिषद (ईसी) और वित्त वर्ष 2025-26 के लिए श्री रुचिर दीक्षित को अध्यक्ष नियुक्त करने की घोषणा की है। यह घोषणा आज ताज वैस्ट एंड, बेंगलुरु में (आईईएसए) की वार्षिक सदस्य बैठक में की गई, जिसमें 200 से अधिक सदस्य और अहम गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।

श्री दीक्षित को सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक डिज़ाइन ऑटोमेशन (ईडीए) उद्योग में 30 से अधिक वर्षों का वैश्विक नेतृत्व का अनुभव है। वह वर्तमान में सीमेंस ईडीए इंडिया में उपाध्यक्ष और कंट्री मैनेजर के रूप में कार्यरत हैं। श्री दीक्षित की नियुक्ति और नई ईसी की घोषणा ऐसे समय में हुई है जब भारत सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स डिज़ाइन आधारित मैन्युफैक्चरिंग में बड़ी छलांग लगा रहा है।

अध्यक्ष के रूप में अपनी नई भूमिका से पहले, श्री दीक्षित आईईएसए के उपाध्यक्ष थे और उन्होंने आईईएसए समुदाय को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रोडक्ट इंजीनियरिंग, रणनीतिक गठबंधन और टेक्नोलॉजी इनोवेशन में व्यापक अनुभव के साथ रुचिर दीक्षित ने मेंटर ग्राफिक्स में वरिष्ठ नेतृत्व पदों पर काम कर चुके हैं। रुचिर दीक्षित वेन स्टेट यूनिवर्सिटी, मिशिगन और बर्कले विश्वविद्यालय में हास स्कूल ऑफ बिजनेस के पूर्व छात्र हैं।

आईईएसए के नवनियुक्त अध्यक्ष के रूप में अपनी नियुक्ति पर बोलते हुए, श्री रुचिर दीक्षित ने कहाः

भारत आज एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर के वैश्विक ईकोसिस्टम में भारत के पास एक वैश्विक शक्ति बनने का अवसर है। आईईएसए सदस्यों द्वारा मुझे इंडस्ट्री बॉडी का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी दी गई है, जो मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है। आईईएसए पूरे ईकोसिस्टम का प्रतिनिधित्व करती है और इनोवेशन, नीति व सहयोग को बढ़ावा देने में हमेशा इस क्षेत्र में सबसे आगे रही है। आईईएसए सभी स्टेकहोल्डरों – सदस्य कंपनियों, भारत सरकार और विभिन्न राज्य सरकारों व इसके भागीदारों के साथ मिलकर तीन लक्ष्यों – भारत को एक उत्पाद राष्ट्र बनाने, एक उत्पादन राष्ट्र बनाने और भारत को कौशल राष्ट्र बनाने – के लिए काम करेगी तथा भारत के साथ-साथ दुनिया की बेहतरी के लिए काम करेगी।’’

श्री दीक्षित का स्वागत करते हुए, आईईएसए के अध्यक्ष श्री अशोक चांडक ने कहाः ’’हम आईईएसए के अध्यक्ष के रूप में श्री रुचिर दीक्षित व साथ ही नई कार्यकारी परिषद का स्वागत करते हुए प्रसन्न हैं। हम भारत को सेमीकंडक्टर उद्योग में एक वैश्विक लीडर के रूप में स्थापित करने की कोशिशें जारी रखेंगे ऐसे में उनका व्यापक अनुभव हमारे प्रयासों को दिशा देने में महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। एसोसिएशन को आज उद्योग की प्रमुख आवाज़ के रूप में देखा जाता है और यह भारत के ईएसडीएम ईकोसिस्टम में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हम इस क्षेत्र में विकास और नवाचार की दिशा में आईईएसए के प्रयासों को आगे बढ़ाने में कार्यकारी परिषद के नेतृत्व और योगदान की आशा करते हैं।’’

कार्यकारी परिषद में छह नए लीडर चुने गए, जिनमें मीडियाटैक् सीनियर डायरेक्टर- इंजीनियरिंग श्री अक्षय अग्रवाल; एप्लाइड मैटेरियल्स के सरकारी मामलों के वरिष्ठ निदेशक डॉ. हेमंग शाह; 7रेज़ के मैनेजिंग पार्टनर श्री प्रदीप कुमार वजराम; केनेस सेमीकॉन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री रघु पणिक्कर; अल्फावेव सेमी के एमडी इंडिया और वीपी सेंट्रल आरएंडडी श्री संदीप गुप्ता और एनालॉग डिवाइस के प्रबंध निदेशक-बिक्री श्री विवेक त्यागी शामिल हैं। पिछले साल की कार्यकारी परिषद के जो सदस्य बने हुए हैं, वे हैं: नवीन बिश्नोई (उपाध्यक्ष के रूप में चुने गए), राजीव खुशु, संजीव केसकर (कोषाध्यक्ष के रूप में चुने गए), डॉ. वीरप्पन वीवी (सलाहकार) और अशोक चांडक (अध्यक्ष)।

इसके अलावा, आईईएसए पूर्व अध्यक्ष डॉ. वी. वीरप्पन के प्रति बहुत आभारी है, जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान उद्योग के लिए एक नया मानक स्थापित किया, उनके परिवर्तनकारी नेतृत्व, दूरदर्शिता और उपलब्धियों के लिए हम उनकी सराहना करते हैं। वे आईईएसए कार्यकारी परिषद के सलाहकार की भूमिका निभाएंगे और चली आ रही पहलों के माध्यम से एसोसिएशन की महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाना जारी रखेंगे।

इस कार्यक्रम में उद्योग जगत के कई प्रमुख लीडर और सरकारी अधिकारी शामिल हुए। मुख्य अतिथि श्री एस. कृष्णन (आईएएस, सचिव, MeitY, भारत सरकार) ने भारत के सेमीकंडक्टर रोडमैप और नवाचार व नीति सहयोग के महत्व पर एक आकर्षक और प्रेरक भाषण दिया। विशिष्ट अतिथियों में शामिल थे, श्री अजीत मनोचा, सीईओ और अध्यक्ष, सेमी; श्री तेजस्वी सूर्या, सांसद, बेंगलुरु दक्षिण लोकसभा क्षेत्र; श्री एस.के. बचे गौड़ा, अध्यक्ष, केओनिक्स और माननीय विधायक, होसाकोटे विधानसभा क्षेत्र; और प्रोफेसर राव तुम्माला, सलाहकार आईएसएम और प्रोफेसर एमेरिटस जॉर्जियाटैक्, यूएसए, जिनमें से प्रत्येक ने विकसित हो रहे ईएसडीएम ईकोसिस्टम पर मूल्यवान दृष्टिकोण प्रस्तुत किए।

इस नए नेतृत्व के साथ, आईईएसए उद्योग साझेदारी, प्रतिभा विकास और नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है, जिससे भारत के सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र को फलने-फूलने में मदद मिलेगी।

संबंधित समाचार

अंगुल रथ यात्रा उत्सव में शामिल हुए नवीन जिन्दल; जिंदल फाउंडेशन ने पुरी में 12वें वार्षिक ‘अन्न सेवा’ कार्यक्रम की शुरुआत की

दस से अधिक वर्षों से, फाउंडेशन की यह रथ यात्रा सेवा सहानुभूति और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक रही है। यह कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि जब पवित्र यात्रा के लिए पुरी में लाखों लोग एकत्रित हों, तो कोई भी श्रद्धालु भूखा न रहे।

नवीन जिन्दल समूह ने 18 गीगावाट की परमाणु परियोजनाओं के लिए 9 से अधिक राज्यों में संभावनाएं तलाशना शुरू किया

स्टील, खनन, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा और रियल एस्टेट क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के बाद नवीन जिन्दल समूह अब परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में कदम रख रहा है। इसके लिए 'जिन्दल रिन्यूएबल्स' की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'जिन्दल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड' का गठन किया गया है।

इटानगर में लोगों की बात सुनकर बोले केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह– हर पीड़ित परिवार तक मदद पहुंचाकर ही चैन लेंगे

पूर्वोत्तर के दौरे में केंद्रीय मंत्री श्री किरन रिजिजू और मुख्यमंत्री भी साथ, अरुणाचल में अधिकारियों की बैठक भी लेंगे शिवराज सिंह चौहान*इटानगर/गुवाहाटी/नई दिल्ली,...

ताज़ा समाचार

अंगुल रथ यात्रा उत्सव में शामिल हुए नवीन जिन्दल; जिंदल फाउंडेशन ने पुरी में 12वें वार्षिक ‘अन्न सेवा’ कार्यक्रम की शुरुआत की

दस से अधिक वर्षों से, फाउंडेशन की यह रथ यात्रा सेवा सहानुभूति और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक रही है। यह कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि जब पवित्र यात्रा के लिए पुरी में लाखों लोग एकत्रित हों, तो कोई भी श्रद्धालु भूखा न रहे।

नवीन जिन्दल समूह ने 18 गीगावाट की परमाणु परियोजनाओं के लिए 9 से अधिक राज्यों में संभावनाएं तलाशना शुरू किया

स्टील, खनन, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा और रियल एस्टेट क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के बाद नवीन जिन्दल समूह अब परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में कदम रख रहा है। इसके लिए 'जिन्दल रिन्यूएबल्स' की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'जिन्दल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड' का गठन किया गया है।

Jyotiraditya M. Scindia Reviews Flood Situation Across Northeast, Assures Full Central Support

*Ministry of Development of North Eastern Region Closely...

सोशल मीडिया पर जुड़ें

560FansLike
245FollowersFollow
285FollowersFollow
320SubscribersSubscribe

विज्ञापन

spot_img