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बीआईएस विनियमों की गलत व्याख्याओं से हो रहा है नुकसान : एम्पावर इंडिया

नई दिल्ली, अप्रैल, 2025: भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के विनियमों की गलत व्याख्या के कारण ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों पर उत्पाद बेचने वाले विक्रेताओं की जांच से देश के छोटे व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं। विश्लेषण से पता चला है कि जब्त किए गए कई उत्पाद या तो बीआईएस-अनुपालक हैं या प्रमाणन की बाध्यता से मुक्त हैं, इसके बावजूद उन्हें जब्त कर लिया गया, जिससे विक्रेताओं को अपनी आजीविका बनाए रखने में मुश्किल हो रही है। एक आधुनिक वैचारिक समूह एम्पावर इंडिया ने देशभर में ई-कॉमर्स गोदामों पर बीआईएस द्वारा हाल ही में की गई प्रवर्तन कार्रवाइयों पर गंभीर चिंता जताई है।

दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, लखनऊ, हैदराबाद, श्रीपेरंबुदूर और चेन्नई जैसे शहरों में वैध बीआईएस लाइसेंस और आईएसआई मार्क लगे कई उत्पादों को स्पष्ट अनुपालन दस्तावेज़ों के बावजूद जब्त कर लिया गया। कुछ मामलों में ऐसे उत्पाद भी जब्त किए गए जो बीआईएस के मानकों के दायरे में आते ही नहीं, जैसे कि 900 वॉट के मिक्सर ग्राइंडर। इसके अलावा, जब्त की गई कई वस्तुएं जैसे खिलौने, मनोरंजक उत्पाद और शैक्षणिक किट्स, बीआईएस के अनिवार्य प्रमाणन की श्रेणी में आते ही नहीं हैं।

इन छापों पर टिपण्णी करते हुए एम्पावर इंडिया के महानिदेशक के. गिरी ने कहा, “उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना एक साझा उद्देश्य है, लेकिन प्रवर्तन की प्रक्रिया सटीक और न्यायसंगत होनी चाहिए। अनुपालक या छूटप्राप्त उत्पादों की गलत जब्ती छोटे व्यवसायों को बाधित करती है और समग्र पारितंत्र ( इकोसिस्‍टम) में असमर्थता और भ्रम की स्थिति पैदा करती है। हम बीआईएस से एक अधिक व्यवस्थित और संतुलित प्रवर्तन पद्धति की मांग करते हैं, जिससे व्यापार की निरंतरता और नियामकीय अनुपालन में संतुलन बना रहे।”

इंडसलॉ की पार्टनर, श्रेया सूरी ने कहा, “निष्पक्षता और अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए उचित प्रक्रिया के ढाँचे के भीतर ही विनियामकीय प्रवर्तन किया जाना चाहिए। उत्पादों की गलत जब्ती प्रक्रियात्मक खामियों और कानूनी सवालों को जन्म देती है। बिना समुचित जांच के की गई मनमानी कार्रवाइयां व्यापार करने में बाधा बन सकती हैं और नियामकीय प्रणाली में विश्वास को कमजोर कर सकती हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि इन कार्रवाइयों से छोटे विक्रेताओं को, जिन्होंने अनुपालन के लिए भारी निवेश किया है, वित्तीय नुकसान, परिचालनगत रुकावट और आजीविका में संकट का सामना करना पड़ा है।

एम्पावर इंडिया ने सिफारिश की है कि भविष्य में गलत जब्ती से बचाव के लिए बेहतर प्रवर्तन प्रथाएं अपनाई जाएं, जिनमें यथास्थल सत्यापन प्रोटोकॉल, गलत जब्ती के लिए त्वरित समाधान तंत्र, और प्रवर्तन एजेंसियों, विक्रेताओं और निर्माताओं के बीच संवाद को बेहतर बनाना शामिल हो।
संगठन ने बीआईएस से आग्रह किया है कि वह चिन्हित मामलों की समीक्षा करे और प्रभावित विक्रेताओं के लिए राहतकारी कदम उठाए। एम्पावर इंडिया एक निष्पक्ष और प्रभावी अनुपालन ढांचा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और संबंधित प्राधिकरणों के साथ मिलकर इन मुद्दों को हल करने के लिए तत्पर है।

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