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मोगली पलटन ने मनाया फूल से फगुआ मानव और पर्यावरण दोनों के स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद

ऋषिकेश फ़ाउण्डेशन की बाल सेना मोगली पलटन द्वारा इस बार फूलों और वनस्पतियों से निर्मित गुलाल से होली मनायी गई। मोगली पलटन ने पर्यावरण हितैषी होली का संदेश प्रसारित करने के उद्देश्य से फूल से फगुआ अभियान चलाया है। अभियान के अंतर्गत पलटन के बाल सेनानियों ने पलास, पालक, चुकंदर और हल्दी से निर्मित गुलाल से होली खेली। फूल से फगुआ अभियान का संदेश व्यापक स्तर प्रसारित करने के उद्देश्य से ये हर्बल गुलाल शहर भर में विविध क्षेत्रों में समाज की अगुआई करने वाले जनों को भेंट किया गया; जिसमें विद्यालयीन शिक्षक, प्रोफ़ेसर, डॉक्टर, वकील, पत्रकार, साहित्यकार, कलाकार आदि प्रबुद्ध जन सम्मिलित रहे। होली में उपयोग किए जाने वाले सामान्य गुलाल और रंग विभिन्न रसायनों से निर्मित होते हैं। इन रसायनों का हानिकारक प्रभाव श्रृंखलाबद्ध ढंग से मानव शरीर और पर्यावरण पर पड़ता है। रासायनिक रंग- गुलाल पहले तो त्वचा को नुकसान पहुँचाते हैं, फिर पानी में घुलकर मिट्टी में पहुंचते हैं और उसे जहरीला बना देते हैं। क़िस्सा यहीं नहीं ख़त्म नहीं होता ये जहरीला पानी नदी में पहुंचकर वहाँ के पारितंत्र को भी नुक़सान पहुँचाता है। अंततः ये सारा ज़हर पेय जल और अनाज के साथ हमारे शरीर में प्रवेश कर जाता है और घातक बीमारियों का कारक बनता है। मोगली पलटन का फूल से फगुआ अभियान इस दृष्टिकोण से एक सकारात्मक और महत्वपूर्ण पहल है।
सादर प्रकशनार्थ
प्रवक्ता
ऋषिकेश फाउंडेशन

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