सुनते हैं कि....

एनजीओ संचालिका का IAS डॉटर कनेक्शन-करोड़ों की फंडिंग  

राजधानी में खुद को समाजसेवी बताने वाली एक महिला...

‘मेरे पापा पावरफुल’

राजधानी भोपाल में बन रहे अत्याधुनिक बीजेपी दफ्तर को...

हिंदुत्व का असली रक्षक कौन?

2024 के आम चुनावों में बीजेपी अपने ट्रंप कार्ड...

मध्य प्रदेश में 18 IAS अधिकारियों का देर रात हुआ ट्रांसफर, 11 जिलों के जिला पंचायत CEO बदले गए

भोपाल: मध्य प्रदेश में देर रात एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। एमपी में 18 IAS अधिकारियों के ट्रांसफर कर दिए गए हैं। राज्य शासन ने आदेश जारी कर दिया है। इसके अलावा 11 जिलों के जिला पंचायत CEO भी बदले गए हैं।

किसे कहां भेजा गया?

  • विशेष गढ़पाले सचिव ऊर्जा विभाग
  • वन्दना वैद्य एमडी वित्त निगम इंदौर
  • सिंगरौली जिला पंचायत CEO गजेंद्र सिंह नागेश अब नरसिंहपुर जिला पंचायत के CEO होंगे
  • गुरुप्रसाद उप सचिव मुख्यसचिव कार्यालय
  • दिव्यांक सिंह अपर आयुक्त नगरीय प्रशासन भोपाल
  • छतरपुर जिला पंचायत CEO तपस्या परिहार को कमिश्नर कटनी नगर निगम बनाया गया
  • कटनी जिला पंचायत CEO शिशिर नेमावत को अपर आयुक्त नगरीय प्रशासन भोपाल
  • सीहोर जिला पंचायत CEO डॉ नेहा जैन को डिप्टी डायरेक्टर एनव्हीडीए इंदौर बनाया गया
  • मंडला जिला पंचायत CEO श्रेयांस कुमट को उज्जैन जिला पंचायत CEO बनाया गया
  • अनूपपुर जिला पंचायत CEO तन्मय वशिष्ठ शर्मा को डिप्टी कलेक्टर नगर निगम भोपाल बनाया गया
  • दलीप कुमार जिला पंचायत CEO नरसिंहपुर को देवास नगर निगम कमिश्नर बनाया गया
  • सिवनी जिला पंचायत CEO  पवार नवजीवन विजय को अपर कलेक्टर इंदौर बनाया गया
  • डिंडौरी जिला पंचायत CEO अनिल कुमार राठौर को कार्यकारी संचालक औद्योगिक विकास निगम जबलपुर बनाया गया…
  • सीधी जिला पंचायत CEO अंशुमान को स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क का प्रबंध संचालक बनाया गया
  • अर्थ जैन को CEO स्मार्ट सिटी इंदौर बनाया गया
  • अरविंद कुमार शाह डिप्टी कमिश्नर नगर निगम जबलपुर बनाए गए
  • टी प्रतीक राव डिप्टी कमिश्नर नगर निगम ग्वालियर बनाए गए
  • अनिशा श्रीवास्तव को कार्यकारी संचालक औद्योगिक विकास निगम ग्वालियर बनाया गया

    IAS अधिकारियों का ट्रांसफर क्यों किया जाता है?

    IAS अधिकारियों के ट्रांसफर की तमाम वजहें हो सकती हैं। इसमें प्रशासनिक आवश्यकता, नीतिगत निर्णय, प्रदर्शन और दक्षता, नियमित रोटेशन, राजनीतिक कारण, अनुशासनात्मक कार्रवाई या व्यक्तिगत कारण शामिल हैं। कभी-कभी राजनीतिक दबाव के कारण ट्रांसफर किए जाते हैं, तो कभी अधिकारी पर अनियमितता या भ्रष्टाचार के आरोप होने पर जांच के लिए उन्हें हटाया या स्थानांतरित किया जा सकता है। किसी जिले में विकास कार्यों को तेज करने या संकट प्रबंधन के लिए भी ट्रांसफर किए जाते हैं। इसके अलावा IAS अधिकारियों के लिए समय-समय पर स्थानांतरण नीति का हिस्सा होता है।

संबंधित समाचार

अंगुल रथ यात्रा उत्सव में शामिल हुए नवीन जिन्दल; जिंदल फाउंडेशन ने पुरी में 12वें वार्षिक ‘अन्न सेवा’ कार्यक्रम की शुरुआत की

दस से अधिक वर्षों से, फाउंडेशन की यह रथ यात्रा सेवा सहानुभूति और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक रही है। यह कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि जब पवित्र यात्रा के लिए पुरी में लाखों लोग एकत्रित हों, तो कोई भी श्रद्धालु भूखा न रहे।

नवीन जिन्दल समूह ने 18 गीगावाट की परमाणु परियोजनाओं के लिए 9 से अधिक राज्यों में संभावनाएं तलाशना शुरू किया

स्टील, खनन, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा और रियल एस्टेट क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के बाद नवीन जिन्दल समूह अब परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में कदम रख रहा है। इसके लिए 'जिन्दल रिन्यूएबल्स' की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'जिन्दल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड' का गठन किया गया है।

इटानगर में लोगों की बात सुनकर बोले केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह– हर पीड़ित परिवार तक मदद पहुंचाकर ही चैन लेंगे

पूर्वोत्तर के दौरे में केंद्रीय मंत्री श्री किरन रिजिजू और मुख्यमंत्री भी साथ, अरुणाचल में अधिकारियों की बैठक भी लेंगे शिवराज सिंह चौहान*इटानगर/गुवाहाटी/नई दिल्ली,...

ताज़ा समाचार

अंगुल रथ यात्रा उत्सव में शामिल हुए नवीन जिन्दल; जिंदल फाउंडेशन ने पुरी में 12वें वार्षिक ‘अन्न सेवा’ कार्यक्रम की शुरुआत की

दस से अधिक वर्षों से, फाउंडेशन की यह रथ यात्रा सेवा सहानुभूति और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक रही है। यह कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि जब पवित्र यात्रा के लिए पुरी में लाखों लोग एकत्रित हों, तो कोई भी श्रद्धालु भूखा न रहे।

नवीन जिन्दल समूह ने 18 गीगावाट की परमाणु परियोजनाओं के लिए 9 से अधिक राज्यों में संभावनाएं तलाशना शुरू किया

स्टील, खनन, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा और रियल एस्टेट क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के बाद नवीन जिन्दल समूह अब परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में कदम रख रहा है। इसके लिए 'जिन्दल रिन्यूएबल्स' की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'जिन्दल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड' का गठन किया गया है।

Jyotiraditya M. Scindia Reviews Flood Situation Across Northeast, Assures Full Central Support

*Ministry of Development of North Eastern Region Closely...

सोशल मीडिया पर जुड़ें

560FansLike
245FollowersFollow
285FollowersFollow
320SubscribersSubscribe

विज्ञापन

spot_img