मिडिल ईस्ट (Middle East) में तेजी से बढ़ते तनाव को देखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा में आयोजित होने जा रहे G7 शिखर सम्मेलन से एक दिन पहले ही वाशिंगटन वापस लौटने का निर्णय लिया है। यह फैसला उस समय लिया गया है जब खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच टकराव की आशंका बढ़ गई है।
सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप की राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ने उन्हें पश्चिम एशिया में हालात की गंभीरता के बारे में अवगत कराया, जिसके बाद उन्होंने अपनी कनाडा यात्रा को संक्षिप्त करने का फैसला किया। ट्रंप को G7 सम्मेलन में कई वैश्विक नेताओं से मुलाकात करनी थी, जिसमें व्यापार, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा प्रस्तावित थी।
व्हाइट हाउस की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप का यह कदम यह दिखाता है कि अमेरिका मिडिल ईस्ट में उत्पन्न किसी भी आपात स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है और राष्ट्रपति खुद हालात की निगरानी कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका का यह रुख क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर उसके गंभीर रवैये को दर्शाता है। वहीं, ट्रंप के जल्दबाजी में लौटने से G7 सम्मेलन में अमेरिका की भागीदारी पर सवाल खड़े हो गए हैं।
इस घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी नज़र रखे हुए है क्योंकि मिडिल ईस्ट में किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई या अस्थिरता का असर वैश्विक बाजारों और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।




