सुनते हैं कि....

एनजीओ संचालिका का IAS डॉटर कनेक्शन-करोड़ों की फंडिंग  

राजधानी में खुद को समाजसेवी बताने वाली एक महिला...

‘मेरे पापा पावरफुल’

राजधानी भोपाल में बन रहे अत्याधुनिक बीजेपी दफ्तर को...

हिंदुत्व का असली रक्षक कौन?

2024 के आम चुनावों में बीजेपी अपने ट्रंप कार्ड...

मोदी नहीं मंहगाई होगा एमपी में मुद्दा

मध्यप्रदेश के ग्वालियर में चुनावी प्रचार का शंखनाद करते हुए कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने साफ कर दिया कि मध्यप्रदेश में इस बार विधानसभा चुनाव में वो पीएम मोदी नहीं बल्कि मंहगाई को मुददा बनायेगी। असल में ये पीएम मोदी के चेहरे की बीजेपी की रणनीति का जवाब है और कांग्रेस ने कर्नाटक की तरह ही अपनी रणनीति लोकल मुददों पर ही फोकस करने की रख ली है ये बीजेपी के लिए मुश्किलें पैदा कर सकती है।

प्रियंका ने अपने भाषण की शुरुआत में ही साफ कर दिया कि वो बीजेपी की तरह आरोप प्रत्यारोप की राजनीति नहीं करेगी और ये नहीं गिनाएंगी कि मोदी सरकार ने क्या नहीं किया लेकिन वो जनता के मुददों पर बात करेंगी। प्रियंका ने साफ कर दिया कि इस बार मध्यप्रदेश में मंहगाई और बेरोजगारी ही सबसे बड़ा मुददा कांग्रेस के प्रचार की धुरी रहेगी। यदि इसी पर कांग्रेस कायम रहती है तो ये चुनाव बहुत ही रोचक हो जायेगा। क्योंकि बीजेपी इस बार शिवराज मामा को आगे नहीं कर रही बल्कि पीएम मोदी को ही चेहरा बनाकर चुनाव लड़ना चाहती है।

असल में बीजेपी का अनुमान है कि चुनाव कांटे का होगा लेकिन सीटों का अंतर 20 से 30 का ही होगा। इसे बीजेपी मोदी के चेहरे से पूरा करना चाहती है। मगर कांग्रेस की रणनीति साफ है कि इस बार पूरा चुनाव लोकल मुददों पर ही लड़ा जाये इसलिए प्रिंयंका ने महिला अत्याचार के बहाने मणिपुर पर पीएम की चुप्पी की बात और राजनीति की बात तो की लेकिन जल्दी ही लोकल के मुददों मंहगाई और बेरोजगारी पर वापस आ गईं।

कांग्रेस का आंकलन है इस समय पेट्रोल-डीजल से लेकर टमाटर तक के भाव लोगों को चुभ रहे हैं और यही मुददा वो खेलना चाहती है । इसके साथ बेरोजगारी और परीक्षा में घोटाला भी मध्यप्रदेश का बड़ा मुद्दा है इसलिए उस पर भी प्रिंयंका जमकर बोली ताकि ये मुद्दे आगे भी गरमाते रहें। मध्यप्रदेश में बेरोजगारी की दर लगातार बढ़ रही और सरकारी नौकरियों में भर्ती की लगभग हर परीक्षा में घोटाले की बात सामने आती रही है। हाल का सबसे बड़ा खुलासा पटवारी परीक्षा मे घोटाले का है और उसकी तुलना व्यापम् घोटाले से की जा रही है। इसका जवाब बीजेपी के पास नहीं है ।

मध्यप्रदेश में बीजेपी कई खेमों में बंटी हुयी है और ये गुटबाजी लगातार सामने आती रही है। ग्वालियर चंबल संभाग में 38 सींटें हैं जिसमें से 18 पिछली बार भाजपा ने जीती थी लेकिन सिंधिया को लेकर इतनी गुटबाजी है कि खुद बीजेपी के नेता ही उनके खिलाफ खबरें छपवाते रहते हैं और सिंधिय़ा को लगातार बाहरी बताते रहते हैं। अगर सिंधिया इस बार अपने इस गढ़ को नहीं बचा पाये तो एमपी में उनको बीजेपी के अंदर से ही चुनौती मिलना शुरु हो जायेगी। इसके अलावा नरोत्तम मिश्रा, नरेंद सिंह तोमर और कैलाश विजयवर्गीय जैसे दावेदारों के कारण भी खींचतान चल रही है। यही वजह है कि गृहमंत्री अमित शाह को भोपाल आकर नेताओं को समझाना पड़ा कि मिलकर चलें और एक दूसरे के खिलाफ नहीं बोलें।

एमपी के चुनाव में एक बड़ा मुददा पुरानी पेंशन योजना का भी है। इस पर सरकारी कर्मचारी लगाातार आंदोलन कर रहे हैं ।कांग्रेस ने पुरानी पेंशन योजना फिर से लागू करने का ऐलान करके बाजी मार ली है और अब बीजेपी को समझ नहीं आ रहा है कि इसका तोड़ क्या निकाला जाये इसके लिए एनपीएस में बदलाव की बात हो रही है मगर वो उतना आसान नहीं है। अब बस बीजेपी को धार्मिक ध्रुवीकरण का ही सहारा मिल सकता है और कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह इसमें मदद कर सकते हैं लेकिन प्रिंयंका ने अपनी रैली में साफ कर दिया है कि कांग्रेस इस तरह के मुददों से बचेगी और केवल मंहगाई बेरोजगारी और विकास के मुददों पर फोकस करेगी। रणनीति तो सही है लेकिन अमल में अभी कई चुनौतियां बाकी है।

संबंधित समाचार

सीजन के अंतिम टूर्नामेंट में पोलो एस्टेट और मेफेयर पोलो संयुक्त रूप से बने जिन्दल एस्टेट कप के विजेता

नोएडा स्थित जिन्दल पोलो एस्टेट में आयोजित पोलो सीजन के अंतिम टूर्नामेंट जिन्दल एस्टेट कप में पोलो एस्टेट और मेफेयर पोलो संयुक्त विजेता रहे। टूर्नामेंट के दौरान खेले गए दो रोमांचक मुकाबलों में इन दोनों टीमों ने जीत दर्ज की।

Polo Estate and Mayfair Polo Share Jindal Estate Cup Title in Season’s Final Tournament

Polo Estate and Mayfair Polo emerged joint winners of the Jindal Estate Cup, the final tournament of the polo season, following victories in two exciting encounters at the Jindal Polo Estate in Noida.

अरावली को 10–5.5 से हराकर जिन्दल पैंथर ने जीता जिन्दल पैंथर शील्ड 2026 का खिताब

सिमरन शेरगिल और सिद्धांत शर्मा ने चार-चार गोल किए, गौरव सहगल बने टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी नवीन जिन्दल ने 2036 ओलंपिक में पोलो की वापसी की उम्मीद जताई, खेल प्रेमियों को नोएडा के जिन्दल पोलो एस्टेट में मैच देखने का दिया न्योता

ताज़ा समाचार

सीजन के अंतिम टूर्नामेंट में पोलो एस्टेट और मेफेयर पोलो संयुक्त रूप से बने जिन्दल एस्टेट कप के विजेता

नोएडा स्थित जिन्दल पोलो एस्टेट में आयोजित पोलो सीजन के अंतिम टूर्नामेंट जिन्दल एस्टेट कप में पोलो एस्टेट और मेफेयर पोलो संयुक्त विजेता रहे। टूर्नामेंट के दौरान खेले गए दो रोमांचक मुकाबलों में इन दोनों टीमों ने जीत दर्ज की।

Polo Estate and Mayfair Polo Share Jindal Estate Cup Title in Season’s Final Tournament

Polo Estate and Mayfair Polo emerged joint winners of the Jindal Estate Cup, the final tournament of the polo season, following victories in two exciting encounters at the Jindal Polo Estate in Noida.

अरावली को 10–5.5 से हराकर जिन्दल पैंथर ने जीता जिन्दल पैंथर शील्ड 2026 का खिताब

सिमरन शेरगिल और सिद्धांत शर्मा ने चार-चार गोल किए, गौरव सहगल बने टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी नवीन जिन्दल ने 2036 ओलंपिक में पोलो की वापसी की उम्मीद जताई, खेल प्रेमियों को नोएडा के जिन्दल पोलो एस्टेट में मैच देखने का दिया न्योता

JINDAL PANTHER CLINCHES CHAMPIONSHIP TITLE WITH COMMANDING 10–5.5 VICTORY OVER ARAVALI

Simran Shergill and Siddhant Sharma score four goals each; Gaurav Sehgal named Most Valuable Player Naveen Jindal expresses hope for polo's return to the 2036 Olympics, invites sports enthusiasts to experience the game at Jindal Polo Estate

सोशल मीडिया पर जुड़ें

560FansLike
245FollowersFollow
285FollowersFollow
320SubscribersSubscribe

विज्ञापन

spot_img